साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। सिद्ध हो जाता है तब क्या होता है? यह तो सवाल आपके मन में जरूर होंगे तो चलो https://raeld321lua9.wikibyby.com/user